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Jharkhand News! मां रानीमिस्त्री और भाई-बहन ट्रेन में मांगते हैं भीख, ‘दामिनी’ 10वीं परीक्षा में रिकॉर्ड बनाकर बनी रोल मॉडल

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Jharkhand News! मां रानीमिस्त्री और भाई-बहन ट्रेन में मांगते हैं भीख, ‘दामिनी’ 10वीं परीक्षा में रिकॉर्ड बनाकर बनी रोल मॉडल

Sabar Tribe: झारखंड में कई आदिम जनजाति समुदाय के लोग रहते हैं। इनकी आर्थिक-सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति अत्यंत खराब हैं। इन्हीं में से एक सबर आदिम जनजाति समुदाय की छात्रा दामिनी ने 10वीं परीक्षा में एक नया रिकॉर्ड बनाने में सफलता हासिल की। प्रशासन की ओर से उसे सहयोग का भरोसा दिलाया गया।

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया नगर पंचायत की रहने वाली सबर आदिम जनाजाति की छात्रा ‘दामिनी’ ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में रिकॉर्ड बनाया है। दामिनी सबर आदिम जनजाति समुदाय की पहली ऐसी छात्रा हैं, जिसने बोर्ड परीक्षा फर्स्ट डिविजन से पास की। दामिनी को बोर्ड परीक्षा में 67 फीसदी अंक प्राप्त हुए।

चाकुलिया के वाजपेयी नगर में रहने वाली दामिनी के छह और भाई-बहन है। परिवार में मां जेसिन के रहने वाली दामिनी के पिता का निधन हो गया है। मां राजमिस्त्री का काम करती हैं। दामिनी से एक बड़ा भाई है, जबकि 4 भाई और एक बहन उससे छोटी हैं। दामिनी बताती है कि उसके सभी छोटे-भाई बहन चाकुलिया रेलवे स्टेशन और ट्रेन में भीख मांगते हैं। लेकिन बोर्ड परीक्षा में सफल होने के बाद उसे मिलता सम्मान देख सभी ने आगे पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जाहिर की है।

दामिनी का कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नामांकन

दामिनी ने पूर्वी सिंहभूम की उपायुक्त विजया जाधव से मुलाकात की। उपायुक्त ने दामिनी को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया था। जिसके बाद बुधवार को दामिनी का नामांकन चाकुलिया स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 11वीं में कराया गया है। इस मौके पर उपायुक्त ने दामिनी को ढेर सारा उपहार भी दिया।

दामिनी ने कई मिथकों को को तोड़ने का काम किया

डीसी विजया जाधव ने कहा कि सात-भाई बहनों में दामिनी दूसरे नंबर पर जरूर है लेकिन बोर्ड परीक्षा में फर्स्ट डिविजन से पास कर पूरे जिला का नाम रोशन किया। उन्होंने सबर परिवारों में पढ़ाई-लिखाई का बेहतर माहौल मिल पाना कल्पना से परे जरूर है, लेकिन दामिनी ने उन सभी मिथकों को तोड़ते हुए जो काम किया है उसपर सभी को गर्व है। बोर्ड परीक्षा में दामिनी को 67 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं, अखबार के माध्यम से खबर मिलने के बाद उपायुक्त ने दामिनी से मिलने की इच्छा जाहिर की थी।

दामिनी की पारिवारिक कहानी सुनकर भावुक हुई डीसी

दामिनी जब आज उपायुक्त से मुलाकात करने उनके कार्यालय में पहुंची तो भावनाओं का ज्वार दोनों ओर था। दामिनी जहां उपायुक्त से मुलाकात को लेकर विश्वास नहीं कर पा रही थी। वहीं उपायुक्त भी दामिनी की पारिवारिक कहानी सुनकर भावुक हो गईं। करीब आधे घंटे तक उन्होने दामिनी से काफी स्नेह से बात की। इस दौरान उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि को जाना और हरसंभव मदद को लेकर भरोसा दिया। दामिनी ने पढा़ई-लिखाई में प्रेरित करने के लिए चाकुलिया की लेडी सुपरवाइजर सविता सिन्हा और के.एन.जे के शिक्षकों के प्रति आभार जताया।

दामिनी सबर परिवारों के लिए बनी रोल मॉडल

उपायुक्त ने दामिनी की मुक्तकंठ से तारीफ करते हुए कहा कि ऐसी जीवटता बहुत कम ही देखने को मिलती है, जो दामिनी ने कर दिखाया। दामिनी सबर परिवारों के लिए रोल मॉडल तो है कि, आम परिवारों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं। उपायुक्त ने उसके परिवार को मिलने वाले सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में पूछा। परिवार में मां को विधवा पेंशन मिल रहा है। इसके अलावा राशन मिलता है।

दामिनी को पूर्व में मुख्यमंत्री सुकन्या योजना और वर्तमान में भी मुख्यमंत्री सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ मिल रहा है। दामिनी ने बताया कि उसके मकान की स्थिति जर्जर है। उपायुक्त ने परिवार को आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

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