रांची में माओवादी नेता प्रशांत बोस की मौत हो गई है, जो पुलिस कस्टडी में थे। उनकी मौत पर कई सवाल उठ रहे हैं। रांची पुलिस ने बताया कि प्रशांत बोस को 3 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था, जब वह रांची के एक अस्पताल में इलाज करा रहे थे।
गिरफ्तारी और मौत के बीच की कहानी
प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के बाद, उन्हें रांची के बिरसा मुंडा जेल में रखा गया था। लेकिन 2 दिन बाद, उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि प्रशांत बोस को दिल का दौरा पड़ा था, जिस原因 उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
लेकिन माओवादी नेता की मौत पर कई सवाल उठ रहे हैं। माओवादी संगठन ने आरोप लगाया है कि प्रशांत बोस की मौत पुलिस कस्टडी में हुई है, और उन्हें प्रताड़ित किया गया था। माओवादी नेता ने कहा कि प्रशांत बोस को पहले से ही दिल की बीमारी थी, और उन्हें उचित इलाज नहीं मिल पाया था।
रांची पुलिस का बयान
रांची पुलिस ने माओवादी नेता की मौत पर बयान जारी किया है। पुलिस ने कहा कि प्रशांत बोस की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है, और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने कहा कि माओवादी नेता की मौत की जांच की जा रही है, और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रांची पुलिस के आईजी ने बताया कि प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के बाद, उन्हें पुलिस कस्टडी में रखा गया था। उन्होंने कहा कि प्रशांत बोस को उचित इलाज मिल रहा था, और उनकी मौत की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि माओवादी नेता की मौत के बारे में जानकारी जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी।
crime news के अनुसार, रांची पुलिस ने कई माओवादी नेताओं को गिरफ्तार किया है, और उन्हें पुलिस कस्टडी में रखा गया है। लेकिन माओवादी नेता की मौत पर उठे सवालों के बीच, पुलिस को जवाबदेह ठहराया जा रहा है।


